आखिर क्या है पितृ दोष और क्यों होता है पितृ दोष

, by kiran sharma

आखिर क्या है पितृ दोष -

 

  • बहुत से लोग हे जो पितृ दोष से आशंकित रहते है। मृत्यु के पश्चात् मात्रक की आत्मा प्रेत योनि में समय व्यतीत करती  है इस प्रकार से आत्माओ का समय व्यतीत करना विश्राम काल कहलाता  है 

  • एक शरीर को छोड़ कर  दूसरे शरीर को धारण करने को भी आत्माओ का विश्राम काल कहा जाता  है जो की अपनी बहुत ही गहरी निंद्रा का समय होता है 


  •  इनमे  से कुछ आत्माये ऐसी होती है जो की अपने शरीर के प्रति इतना सममोहित होती  की दूसरा शरीर धारण नहीं करती है और इस तरह की  आत्माए आपने परिवार के मोह में बंध जाती है और इसे ही पितृ दोष कहते है 

  • ये आत्माए ईश्वर से कम प्रभावी नहीं होती है किन्तु अन्य आत्माओ से श्रेष्ठ होती है माना गया हे की ये आत्माये ईश्वर और आत्माओ के बिच की स्थिति होती है जो की  आपने परिवार के लिए हमेश शुभ सोचती है

  • ये आत्माये मृत्यु के पश्चात् अपने द्वारा छोड़े  गए अधूरे कार्यो को पूर्ण करने लग जाती है और अपने घर के बेटो और पोतो के द्वारा पूर्ण करवाती है और अपने परिवार को संकट से बचाती है और इन्ही आत्माओ के लिए हम श्राद करते है 
  •  श्राद में ये आत्माए अपने बेटो और पोतो के घर आमंत्रित करने के बाद भोजन ग्रहण करने जाती है और उन्हें भोजन के बाद शुभ आशीष देती है

0 comments:

Post a Comment