navgrah yantra aur grah shanti upay

, by kiran sharma

नवग्रह यंत्र और ग्रह शांति उपाय 

प्रत्येक मनुष्य की कुंडली में ग्रह,अपनी स्थिति के अनुसार शुभ और अशुभ दोनों ही प्रकार के फल देते है। 
वास्तु और नक्षत्र शाश्त्र में कुल 9 ग्रह बताये गए है, और इनके नकारात्मक प्रभावो से मुक्ति के उपाय भी बताये गए है। 
     ग्रहो में सबसे पहला स्थान आता है- "सूर्य". सूर्य ग्रह के अशुभ प्रभाव को शांत करने के लिए निम्न उपयो को यथा संभव, नियम से करे-
  • श्रीहरि विष्णु की नियमित उपासना करे। 
  • ताम्र और गेहूँ का दान अवश्य करे। 
  • माणिक्य रत्न धारण करे। 
  • बहते हुए जल में तांबे या गुड़ का प्रवाह कर देने से भी ग्रह की शांति होती है। 
  • सूर्य को चावल और दूध से बनी खीर का भोग लगायें। 
  • नित्य नियम से स्नान के बाद सूर्य को जल-अर्पण करे और उपरोक्त मन्त्र का जप करे- "ॐ घृणि सूर्याय नमः"
चंद्र ग्रह की शांति के लिए निम्न उपाय करे-
  • प्रत्येक सोमवार को उपवास करे। 
  • दूध,और चावल का दान अवश्य करे। 
  • यदि संभव हो तो प्रत्येक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करे। 
  • मोती रत्न धारण करे। 
  • चन्द्रमा को दूध और घी का नैवद्य बना कर भोग लगाए। 
मंगल ग्रह के शांति के लिए उपाय-
  • माँ गायत्री की आराधना करे,और गायत्री मन्त्र का नित्य जाप करे। 
  • मूँगा रत्न धारण करे। 
  • शहद और सिंदूर को बहते हुए पानी में बहा दें। 
  • मंगलवार का व्रत करना आरम्भ करे। 
  • गुजिया का नैवेद्य बना कर मंगल को अर्पित करे। 
 बुध ग्रह की शांति के लिए उपाय-
  • पन्ना रत्न को धारण करे। 
  • बुधवार का व्रत करना आरम्भ करे,और श्रीगणेश की आराधना करे। 
  • कन्याओ को हरी चूड़ियों का दान अवश्य करे। 
  • एक ताम्र पत्र लेकर उसमे छेद करके उसे बहते हुए जल में विसर्जित कर दे। 
  • दूध में पकाये गए चावल का भोग बना कर अर्पित करे, और निम्न मन्त्र का जप करे- "प्रियङ्गकुलीकसरह्मय रूपेणम प्रतिबुद्धम,सौम्य सौम्यगुणोपतं तं बुध प्रणमाहाम्यम।"
गुरु(बृहस्पति) ग्रह की शांति के लिए उपाय -
  • गुरुवार का व्रत आरम्भ करे और हरीपुराण का पाठ करे।
  • पुख़राज रत्न धारण करे।  
  • नियमित रूप से पीपल वृक्ष की जड़ में जल चढ़ाये। 
  • ब्राह्मणों की सेवा करे। 
  • शुद्ध केसर को अपनी नाभि और जीभ पर लगाए। 
  • बृहस्पति देव की प्रतिमा पीले रंग में ही होनी चाहिए।
शुक्र ग्रह के शांति के उपाय-
  • शुक्रवार का व्रत आरम्भ करे,और हीरा रत्न धारण कर ले। 
  • माँ लक्ष्मी की उपासना करे। 
  • कपूर और दही का दान करे। 
शनि ग्रह से शांति के उपाय-
  • शनिवार का व्रत शुरू करे,और श्रीशनि की आराधना करे। 
  • 43 दिनों तक नियमित रूप से कौवों को ताज़ी रोटी का भोग लगाए। 
  • पेड़ की जड़ में तेल चढाये। 
  • नीलम रत्न को धारण करे। 
राहु से मुक्ति के उपाय-
  • गोमद रत्न धारण कर  ले। 
  • ग्रह शांति तक चोटी न बनाये।
  • माँ सरस्वती की नित्य आरधना करे। 
  • सरसो का दान अवश्य करे। 
केतु से शांति के उपाय-
श्री गणेश की आराधना करे, और बहते हुए पानी में सफ़ेद और काले तिल का विसर्जन करे। 

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