कैसा हो मकान का वास्तु-

, by kiran sharma

कैसा हो मकान का वास्तु-

वास्तुशास्त्र,भारत का सबसे प्राचीनतम और विश्वसनीय विज्ञानं है। वास्तुशास्त्र न केवल भारत में अपितु दुनिया के कई अन्य देशो में भी लोकप्रिय है,और वास्तु से ही मिलता-जुलता एक और विज्ञानं है " फेंगशुई", जो विशेषकर चीन और जापान में अधिक प्रचलन में है। वैसे तो वास्तु और फेंगशुई में कई समानताए है,लेकिन कई अंतर भी है।

  आमतौर पर ४ प्रमुख दिशाए मानी जाती है-पूर्व,पश्चिम,उत्तर और दक्षिण। लेकिन वास्तुशास्त्र में कुल नौ दिशाए बताई गई है जैसे- पूर्व-दक्षिण ,पूर्व-उत्तर, पश्चिम-उत्तर, और पश्चिम-दक्षिण। यदि हम अपने घर या कार्यस्थल का निर्माण और रखरखाव वास्तु-निर्देशो के आधार पर करे तो कई प्रकार की समस्याओ और नकारात्मक एनर्जी को आपे ही दूर रखा जा सकता है। तो आइये इस लेख के माध्यम से जानते है ऐसे ही कुछ उपयोगी वास्तु उपायो के बारे में-
  1. घर का मुख्य द्वार उत्तर दिशा में नहीं बनवाना चाहिए, वास्तु में इसे अशुभ फल देने वाला और संकट उत्तपन्न करने वाला कहा गया है। यदि फिर भी जगह की कमी की वजह से ऐसा करना पड़े तो कुछ नियमो का पालन करे जैसे- उस कोने में शौचालय/रसोईघर और सीढियो का निर्माण नहीं करवाये और ना ही उस दिशा में कोई पेड़-पौधा लगाए। 
     
  2. रसोईघर का निर्माण या तो उत्तर-पूर्व दिशा में अथवा दक्षिण-पूर्व दिशा में ही करवाये।

  
  1. स्टडी-रूम का निर्माण दक्षिण-पश्चिंम दिशा में ही करवाये, क्योंकि इस दिशा का सीधा सम्बन्ध मानव की बुद्धिमत्ता और कुशलता से होता है,अतः इस दिशा का सही उपयोग होना बहुत जरुरी है। 
  2. घर की दीवारों पर भूरा, हल्का गुलाबी या पीला रंग करवाने से धन लाभ होता है,और परिवार के सदस्यो की आयु में वृद्धि होती है। अतः ये बहुत ही महत्वपूर्ण है की रंगों का चुनाव ठीक प्रकार से और सावधानी से वास्तु-निर्देशो का अनुसार किया जाए तो ये उत्तम परिणाम देते है। 
  3. दक्षिण-पश्चिम दिशा में कूड़ा-कचरा न करे इससे नकरात्मक ऊर्जा का प्रवेश घर में तीव्रता से होने लगता है,अतः अपने घर के इस कोने और सभी अन्य कोनो में सफाई का विशेष ध्यान रखे। 
  4. पानी की टंकी का स्थान उत्तर दिशा में नहीं करवाये,अन्यथा ये स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याए उतपन्न करता है। 
  5. घर की पश्चिम दिशा में एक सुदंर क्रिस्टल बाल लटका कर रखने से परिवार के सदस्यो के बिच आपसी प्रेम और मधुरता में वृद्धि होती है। 
  6. घर की उत्तर-पश्चिम दिशा का सीधा सम्बन्ध परिवार के यश और समृद्धि से जुड़ा होता है,इसलिए इस दिशा का प्रयोग सावधानी पूर्वक करे। इस  दिशा में एक वेल्थ शिप स्थापित करे और साथ ही इस दिशा की दीवारों का रंग सफेद या सिल्वर कलर में करवाये।
  7. उत्तर दिशा का सम्बन्ध हमारी सामाजिक प्रतिष्ठा से होता है,अतः उपयुक्त होगा कि इस दिशा में एक एक्वेरियम को स्थान दे। 
  8. उत्तर-पुर्वी दिशा, रिश्तेदारी से जुडी मानी जाती है,अतः अच्छा होगा इस दिशा में एक लाफिंग बुद्धा को रखे। 

0 comments:

Post a Comment