Hanuman yantra aur upay

, by kiran sharma

ॐ श्री अतुलित बलधामं हैशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुम ज्ञानिमग्रगण्यं सकल गुणनिधमं वानराणामधीशं रघुपति प्रियभक्तं वातजातं नमामि 


भगवान श्रीराम के प्रिय और अनन्य भक्त और केसरी के पुत्र महाबली श्री हनुमान जी को नमन करते हुए लिखा गया है उपरोक्त श्लोक। पृथ्वी पर आजीवन अमरता का वरदान लेकर विचरण कर रहे कुछ विशेष आत्माओ में से एक हनुमान को संकट मोचक भी कहा जाता है। कहा जाता है कि हनुमान जी की आराधना और उपासना करने से जीवन के सारे कष्ट और विघ्न समाप्त हो जाते है,और सभी देवो में हनुमान जी ऐसे देव है जो शीघ्र ही प्रसन्न हो जाते है। पुराणों और शाश्त्रो के अनुसार मंगलवार और शनिवार का दिन इनकी उपासना के सबसे उत्तम माना गया है।
       अगर आप भी अपने संकट से मुक्त होना  चाहते है तो निम्न मन्त्र का पूर्ण श्रद्धा से जाप करे -
                                                      ॐ हूं हनुमंतये नमः 
अथवा सिद्ध हनुमान यन्त्र का पूजन कर इसे अपने घर के पूजा घर में स्थान देकर नित्य इसकी उपासना भी कर सकते है-

हनुमान जी की उपासना की विधि-
  • हनुमान जी की मूर्ती पर सिंदूर लगा हुआ चोला और चमेली का तेल ही चढ़ाये। 
  • हनुमान मंदिर जाकर सुन्दरकाण्ड का पाठ करे। 
  • हनुमान अष्टमी के दिन श्रीहनुमान चालीसा का सात बार पाठ करे। 
  • मंगलवार का व्रत आरम्भ करे। 
  • उपयोग किया गया आसान ऊन या कुशन का होना चाहिए। 
  • हनुमान जी को लाल-फूल चढ़ाने से वे जल्द प्रसन्न होते है। 

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