जानिए खजुराहो का इतिहास

, by kiran sharma

जानिए खजुराहो का इतिहास 

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में अवस्थित एक सुन्दर पर्यटन स्थल "खजुराहो" जो प्रसिद्ध है अपने मंदिरो और कामोत्तेजक मूर्ति कला के लिए। यह स्थान हिन्दू और जैन धर्म का प्रमुख है क्योंकि यहाँ की अधिकांश मंदिर इन्ही धर्मो से सम्बंधित है। खजुराहो के अधिकांश मंदिरो का निर्माण 950 से 1050 ईस्वी के मध्य चंदेल वंशी राजाओ ने करवाया था। 
                   यह स्थान चंदेल वंश की प्रमुख राजधानी थी, और उस काल में इसका नाम " जेजाकभुक्ति" था। इतिहासकारो के अनुसार यहाँ के मंदिर करीब 12 वीं शताब्दी में बनवाये गए थे जिनकी कुल संख्या 84 है, 20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले है। किन्तु वर्तमान में केवल 20 ही मंदिर शेष बचे है, जिनमे कन्दारिया महादेव का मंदिर सबसे प्रमुख है। यहाँ स्थित लक्ष्मण मंदिर का निर्माण यशोवर्मन-प्रथम ने कराया था। खजुराहो के मंदिरो और स्थापत्य में सबसे पहला परिवर्तन 13 वीं शताब्दी में सल्तनत काल में सुल्तान कुतुबुद्दीन ऐबक के समय हुआ जिसने युद्ध में चंदेल राजाओ से इसे जीता था। यहाँ खजूर के पेड़ सर्वाधिक होने से इसका नाम खजुराहो पड़ा। 
                                       यहाँ बने सभी मंदिरो में कुल 10% भाग पर कामोत्तेजक मूर्तिया बनाई गयी है। कुछ विद्वानों का मत है कि प्राचीन  समय में यहाँ कामुकता का अभ्यास किया जाता था।

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