Big temple siddhivinayak mandir in mumbai

, by kiran sharma

सिद्धिविनायक मंदिर,मुम्बई 

विघ्नहर्ता मंगलकारी श्रीगणेश का सबसे प्रिय रूप है "श्रीसिद्धिविनायक", माना जाता है कि गणेश जी प्रतिमा की सूंड यदि दाई और मूडी हुई है तो वो प्रतिमा सिद्धियों से जुडी मानी जाती है। 
        सिद्धिविनायक भगवान् की महिमा अपरम्पार है,अपने भक्तो की हर मनोकामना को पूर्ण करते है। और भक्तो में सबसे लोकप्रिय देव है,ऐसा भी कहा जाता है कि सबसे शीघ्र प्रसन्न होने वाले देव श्रीगणेश ही है। किन्तु यदि विधि-विधान से पूजन न किया जाए,अथवा भोग लगाने में देरी की जाए तो उतनी ही जल्दी रूठ भी जाते है। 
  गणेश जी के सभी स्वरूपो में से सिद्धिविनायक की महिमा इसलिए भी है की उनका ये स्वरूप चत्रुभुजी विग्रह है। उनकेऊपरी बाए हाथ में अंकुश और दाए हाथ में कमल दिखाया जाता है,उनके बाए हाथ में मोदक और दाए हाथ में मोतियों की माला रहती है। उनके दोनों और उनकी पत्नियों रिद्धि-सिद्धि भी खड़ी रहती है। सिद्धिविनायक का  स्वरुप सभी मनोकामनाओ को पूर्ण करने वाला और बड़ा ही मनोहारी होता है।
     सिद्धिविनायक की प्रतिमा को सदैव काले रंग के शिलाखंड द्वारा कम से कम ढाई फ़ीट की ऊचाई तक बनाया जाता है। सिद्धिविनायक का मंदिर स्थित है महाराष्ट्र राज्य के मुम्बई महानगर के प्रभादेवी इलाके में,जो केवल हिन्दू ही नहीं अपितु हर धर्म के व्यक्तियों के लिए एक पवित्र और लोकप्रिय स्थान है।  जनश्रुति के अनुसार इस मंदिर का निर्माण और स्थापना सन 1692 में किया गया था, और पिछले दो दशको में इस मंदिर का अनेक बार जीर्णोद्धार हो चुका है। वर्तमान में स्थित  मंदिर की ईमारत 5 मंजिला है,और यहाँ एक संग्रहालय भी बना है। और एक दशक पूर्व ही महाराष्ट्र प्रशासन द्वारा मंदिर के लिए 20 हजार वर्गफीट की जमीन दान की गई है। मंदिर के दूसरे मंजिल पर एक मुफ्त अस्पताल सुविधा भी है।
                मंदिर में बने रसोईघर में एक लिफ्ट स्थित है जिसके बारे में कहा जाता है की यह लिफ्ट मंदिर के गर्भ ग्रह तक जाती है और भगवान के लिए यही से भोग आदि बनाकर पुजारियो द्वारा मंदिर में लाया जाता है। गर्भग्रह के बारे में कहा जाता है की इसकी बनावट कुछ इस प्रकार से है की भक्त यही से गणपति के दर्शन कर सकते है।
           मंगलवार के दिन यहाँ भक्त भारी संख्या में आते है,और विशेषकर गणेशचतुर्थी के दिनों में यहाँ कई उत्सवों का आयोजन किया जाता है, और मंदिर की आकर्षक विधुत सज्जा की जाती है।

        मुम्बई महानगर में स्थित अन्य धार्मिक स्थलों में एक प्रसिद्द स्थल हाजी  अली की दरगाह भी है।

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