स्वस्थ रहने के लिये वास्तु टिप्स

, by kiran sharma

स्वस्थ रहने के लिये वास्तु टिप्स :-


 अपना स्वस्थ अच्छा ही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है  इसलिए वास्तुशास्त्र में स्वस्थ को विशेष महत्त्व दिया गया है स्वस्थ  रहने के वास्तु के अनुसार बहुत ही आसान उपाय है 

 जहा अपने बच्चे सोते वह उनके तकिये के निचे बासुरी अवश्य रखे जिससे उनके स्वस्थ अछा  रहेगा 

शयन कक्ष में मोर पंख अवश्य लगाए इससे भी स्वस्थ अछा रहता हे 

घर में किसी भी कोने में मकड़ी के जाले नहीं आने दे अगर आते  हे तो जल्द ही उसे हटा दे



 
बेडरुम की साजसज्जा


बैडरूम  कभी  पूरी तरह से बंद न रखे 

तजि हवा के लिए बेडरूम में एक खिड़की अवश्य खुली रखे 

बेडरूम में झूठे बर्तन न रखे अछा नहीं होता 

बेडरूम में नकारात्मक तस्वीरे नहीं टंगे जैसे बहते पानी की और घोड़े ये  नाकारात्मत ऊर्जा घर में लाती हे
     
     
सोने की सही स्थिति

  

सोते समय ध्यान रखे उत्तर दक्षिण दिशा में नहीं सोना चाहिए इससे सर में दर्द और पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं आती  शारीरिक कष्ट रहता हे 

सोते वक़्त बेड साफ़ करे या फिर बेडशीट बदल कर सोये इसी  आते हे बचो को सोते वक़्त डर नहीं लगता

 

1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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1. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।
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. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।

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शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।

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2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।

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शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।

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. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।

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. शयनकक्ष पर ध्यान दें
शयनकक्ष घर का एक ऐसा स्थान होता है जहाँ व्यक्ति आराम करता है और अपना अधिकतर समय बिताना चाहता है। कई बार हम ऐसा महसूस करते हैं कि अपने शयनकक्ष में हमें अच्छी नींद नहीं आती है या सुबह उठने पर भी हमारी नींद पूरी नहीं हो रही होती है। तो इसका अर्थ साफ़ है कि शयनकक्ष में नकारात्मक ऊर्जा हावी हो रही है जो जल्द ही आपको बीमार कर सकती है इसलिए शयनकक्ष कभी भी पूरी तरह से बंद नहीं होना चाहिए। सुबह की ताज़ी हवा आने के लिए कमरे में उपयुक्त खिड़की होनी चाहिए। शयनकक्ष में झूठे बर्तन बहुत अधिक समय तक नहीं रखने चाहिए। साथ ही साथ और महत्वपूर्ण बात कि अगर आप शयनकक्ष में कोई तस्वीर लगा रहे हैं तो नकारात्मक तस्वीर का तो प्रयोग बिलकुल भी ना करें।

2.  सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं हो
रात को सोते समय अच्छी नींद यदि नहीं हो पाती है तो इससे आप खुद को बीमार बना रहे हैं। वास्तु के अनुसार अच्छी नींद व्यक्ति को काफी बिमारियों से दूर रखती है। रात को सोते समय ध्यान दें कि आपका सर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में सोते समय नहीं रहें। इन दिशाओं में इस प्रकार सोने से सर दर्द और अनिंद्रा की बीमारियाँ, व्यक्ति को परेशान करने लगती हैं।

3. टीवी का प्रयोग, भोजन करते समय ना करें
भोजन करते समय व्यक्ति को टेलीविजन नहीं देखना चाइये। ऐसा करने से एक तो भोजन की जगह व्यक्ति का ध्यान, टीवी की तरफ रहता है और वास्तु के अनुसार टेलीविजन से नकारात्मक ऊर्जा निकलती हैं जो हमारे मस्तिष्क और मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

4. शौचालय और रसोई घर पास-पास ना हों
व्यक्ति की अधिकतर बीमारियाँ तो रसोईघर से ही निकलती हैं। घर खरीदते या लेते समय, इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कहीं घर में शौचालय और रसोई घर पास-पास में तो नहीं हैं। वास्तु में ऐसा होना, बिमारियों को आमंत्रण बताया गया है।

5. घर में जरूर हो तुलसी का पौधा और सूर्य की पेन्टिंग
वास्तु के अनुसार तुलसी का पौधा अपने आप में एक अचूक दवा है। यदि घर में तुलसी जी का कोई पौधा है तो यह छोटा सा उपाय ही कई छोटी या मौसमी बीमारियों को व्यक्ति से दूर कर देता है। साथ ही सूर्य की पेंटिंग या क्रिस्टल भी नकारात्मक ऊर्जा को व्यक्ति से दूर करती हैं।

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