क्या है वास्तु

, by kiran sharma

 वास्तु की अवधारणा को समझें क्या है वास्तु 



वास्तु विधा बहुत ही प्राचीन विधा है विश्व हे प्राचीनताम ग्रन्थ ऋग्वेद  उल्लेख है इस विधा के अधिकतम मूल ग्रन्थ लुप्त हो चुके है और जो मिलते हे उसमे भीअधिक्ताम मतभेद मिलते है वास्तु विधा के गृह वास्तु, प्रसाद वास्तु नगर वास्तु पुर वास्तु, दुर्ग वास्तु, अनेक अंग मिलते हे वास्तु विधा बहुत विशाल है अधिकतम जगाओ पर वास्तु विधा का बहुत हिसरल और व्यावहारिक ज्ञान दिया गया है

हमारे जीवन में वास्तु का महत्व

वास्तु का हमारे जीवन में बहुत ही अहम् भूमिका निभाता हे पर आज की पीढ़ी इसे समझ नहीं पति और न ही समझन चाहती है वास्तु सब्द का अर्थ है "निवास करना" जिस भूमि पर मनुष्य निवास करता है उसे वास्तु ही कहा जाता है पिछले कुछ ही समय से लोगों ध्यान वास्तु विद्या की और गया है प्राचीन काल में विद्याथी गुरुकुल में ६४ विद्याओ को प्राप्त करता था उसमे एक विद्या वास्तु शास्त्र भी शामिल थी

वास्तु कई प्राकृतिक उर्जाओ से मिलकर बनती हे वह अलग अलग प्रकार से हे



  • पृथ्वी से ऊर्जा प्राप्ति 
  • दिन के उजाले से ऊर्जा
  • सूर्य की ऊर्जा या सौर ऊर्जा
  • वायु से ऊर्जा
  • आकाश से ऊर्जा प्राप्ति
  • लौकिक / ब्रह्मांड से ऊर्जा
  • चंद्रमा की ऊर्जा

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